Alaukik Shaktiyan

ज्योतिष ,तंत्र ,कुण्डलिनी ,महाविद्या ,पारलौकिक शक्तियां ,उर्जा विज्ञान

  • क्या सच में जागृत की जा सकती है आध्यात्मिक ऊर्जा ?

    अधिकतर लोग तंत्र शब्द सुनते ही डर जाते हैं, लेकिन सच यह है कि— “तंत्र कोई जादू नहीं, बल्कि चेतना का विज्ञान है।” तंत्र का अर्थ है— वह विधि, जिससे मानव अपनी छुपी हुई शक्तियों को पहचान सके। तंत्र में—मंत्र (ध्वनि की शक्ति),यंत्र (ज्यामिति की शक्ति) और साधना (चेतना की शक्ति) तीनों का संतुलन होता

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  • अधिकतर लोग तंत्र शब्द सुनते ही डर जाते हैं, लेकिन सच यह है कि— “तंत्र कोई जादू नहीं, बल्कि चेतना का विज्ञान है।” तंत्र का अर्थ है— वह विधि, जिससे मानव अपनी छुपी हुई शक्तियों को पहचान सके। तंत्र में—मंत्र (ध्वनि की शक्ति),यंत्र (ज्यामिति की शक्ति) और साधना (चेतना की शक्ति) तीनों का संतुलन होता…

  • तंत्र और उसकी परिभाषा  ==================          तंत्र शब्द दो धातुओं “तन “व् “त्रे “से मिलकर बना है |”तन “धातु का अर्थ विस्तार करना ,फैलाना ,तानना ,उत्पन्न करना ,रूप देना ,ग्रंथादिक लिखना ,रचना करना आदि है |”त्रे “का अर्थ रक्षण करना है |तंत्र का धातु मूलक अर्थ होगा “जिस किसी वस्तु ,विचार या शक्ति का विस्तार…

  • कौन हैं आपके ईष्ट देवता ?कितने तरह के ईष्ट देवता होते हैं ? —————————————————————- कैसे करे ईष्ट देवी-देवता का चुनाव [व्यक्तिगत पूजा के सन्दर्भ में ] ===================================================        आस्तिक लोगों द्वारा विभिन्न ईश्वर रूपों की उपासना ,आराधना ,प्रार्थना ,पूजा ,साधना की जाती है और जिन देवी देवताओं की पूजा -आराधना की जाती है वह उनके…

  • चेहरा बोलता है ,भूत -भविष्य बताता है ==========================        चेहरा मन का ही दर्पण नहीं ,भूत -वर्तमान और भविष्य का भी प्रतिबिम्ब होता है |चेहरे पर बिगत जीवन लिखा होता है ,चेहरा वर्तमान की स्थिति बताता है और चेहरा आगामी जीवन की स्थिति और भविष्य भी बयां कर देता है | मतलब नहीं की चेहरे…

  • वशीकरण शक्ति संतुलन पर निर्भर करता है ============================         वशीकरण एक तांत्रिक षट्कर्म विद्या है जहाँ एक निश्चित दिशा में ऊर्जा प्रक्षेपण कर लक्ष्य के सोच ,स्वभाव ,पसंद -नापसंद में परिवर्तन करते हुए व्यक्ति विशेष के वशीभूत और अपने नियंत्रण में किया जाता है |यह बहुत से मामलों में सफल होता है किन्तु अधिकतर असफल…

  • क्यों एक समान जन्म समय पर भी भाग्य अलग होते हैं? ========================================== ——————-तंत्रिकीय विश्लेषण ——————          अक्सर एक प्रश्न ज्योतिष जगत में उठाया जाता है की एक ही समय एक ही स्थान पर एक ही घर में यहाँ तक की एक ही गर्भ अर्थात एक ही माता पिता की जुडवा संतानों के भाग्य अलग क्यों…

ज्योतिष -हस्तरेखा -वास्तु द्वारा समस्याओं का अध्ययन तथा उपचार -निदान पर परामर्श

दैवीय शक्तियों की प्राप्ति ,उर्जा संतुलन ,भौतिक -आध्यात्मिक उपलब्धियों की प्राप्ति पर परामर्श

व्यक्तिगत -पारिवारिक -आर्थिक समस्याओं के निवारण में सहायक उपचार पर परामर्श

हम एक साधक -तंत्र अन्वेषक और खोजी हैं तथा महाविद्या साधना ,कुण्डलिनी तंत्र ,वैदिक ज्योतिष ,हस्तरेखा विज्ञानं ,फेस रीडिंग ,वास्तु शास्त्र ,ब्रह्मांडीय उर्जा विज्ञानं ,पारलौकिक और अलौकिक शक्तियों पर विगत ४० वर्षों से कार्यरत हैं |हमने जो समझा है ,जाना है ,पाया है ,जो अनुभव किया है वह अपने alaukikshaktiyan.com वेबसाईट ,Alaukik Shaktiya फेसबुक पेज ,Tantra Marg फेसबुक पेज ,Alaukik Shaktiya यूट्यूब चैनल ,Tantra Marg यूट्यूब चैनल ,Alaukik Shaktiya वर्डप्रेस ब्लॉग ,aagamtantra गूगल ब्लॉग के माध्यम से सर्वजन के हित के लिए उन तक पहुंचाने का प्रयत्न कर रहे हैं जिससे लोग सही जानकारी से अवगत हों ,अपनी समस्याओं से मुक्त हों ,जीवन को सफल बनायें ,लाभ प्राप्त कर सकें और अंततः मुक्ति -मोक्ष भी प्राप्त कर सकें |……………………………..हर हर महादेव

भौतिक और आध्यात्मिक कठिनाइयों का निवारण संभव है

जन्म कुंडली विश्लेषण से ,हस्तरेखा परिक्षण से ,वास्तु दोष निवारण से ,नकारात्मकता निवारण से ,भाग्य वृद्धि के उपायों से ,चक्रों की स्थिति सुधारकर ,आभामंडल अर्थात औरा परिक्षण तथा हीलिंग से ,सकारात्मक ऊर्जा प्रक्षेपण से ,उपयुक्त शक्ति की आराधना -साधना से ,आतंरिक शक्तियों के जागरण से ,अवचेतन का ज्ञान उदित करके ,कुण्डलिनी साधना से ,महाविद्या साधना से ,पारलौकिक शक्ति की सहायता से

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